मुंगेर पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़, पाँच गिरफ्तार — बड़ी मात्रा में हथियार बरामद,

मुंगेर पुलिस ने एसटीएफ (STF) और जिला आसूचना इकाई के सहयोग से एक बड़ी सफलता हासिल की है। बरियारपुर थाना क्षेत्र के तारापुर दियारा में संचालित अवैध मिनी गन फैक्ट्री का उद्भेदन करते हुए पुलिस ने पाँच लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि कुछ अपराधी दियारा इलाके का फायदा उठाकर फरार हो गए।
जानकारी के अनुसार, थानाध्यक्ष बरियारपुर को गुप्त सूचना मिली थी कि गंगा नदी किनारे तारापुर दियारा में कुछ व्यक्ति अवैध रूप से हथियार निर्माण कर रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस अधीक्षक मुंगेर के निर्देशानुसार अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर) अभिषेक आनंद के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया, जिसमें बरियारपुर थानाध्यक्ष, एसटीएफ, जिला आसूचना इकाई और थाना सशस्त्र बल शामिल थे।
छापामारी दल ने दियारा क्षेत्र की घेराबंदी कर कार्रवाई की। पुलिस बल को देखकर सभी संदिग्ध भागने लगे, लेकिन सशस्त्र बल की तत्परता से पाँच व्यक्तियों को पकड़ लिया गया। पूछताछ में पकड़े गए व्यक्तियों की पहचान मो० सरफराज, पिता मो० मुर्शीद, मो० रिजवान, पिता स्व० मो० मंजुर, मो० सरफराज, पिता मो० राजिक, मो० मुबारक, पिता मो० रहमान, व मो० मोसीर उर्फ पप्पु, पिता मो० समसुल — सभी निवासी मिर्जापुर बरदह, थाना मुफस्सिल, जिला मुंगेर के रूप में हुई है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में हथियार और उपकरण बरामद किए, जिनमें 08 बेस मशीनें, 12 अर्द्धनिर्मित देशी पिस्टल, 02 पूर्ण निर्मित देशी पिस्टल, 11 मैगजीन, 05 अर्धनिर्मित मैगजीन, 02 ड्रिल मशीन, 07 जिन्दा कारतूस, 02 मोबाइल फोन एवं हथियार निर्माण में प्रयुक्त विभिन्न औजार और उपकरण शामिल हैं।
बरामद सभी सामानों की विधिवत जप्ती सूची तैयार की गई और पाँचों आरोपियों को गिरफ्तार कर बरियारपुर थाना कांड सं० 157/25, दिनांक 12.11.2025, धारा 25(1-B)a/25(1)(a)/25(1-AA)/26/35 आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
छापामारी दल में अभिषेक आनंद, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर), मुंगेर, पु०नि० वीरभद्र सिंह, थानाध्यक्ष बरियारपुर, पु०अ०नि० रविन्द्र कुमार वर्मा, बरियारपुर थाना, जिला आसूचना इकाई, मुंगेर, एसटीएफ, मुंगेर व थाना सशस्त्र बल शामिल थे।
मुंगेर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस तरह की अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस का यह अभियान जन विश्वास और अपराध उन्मूलन की दिशा में एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।




