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पंचायत स्तरीय योजनाओं की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी नाराज, एक सप्ताह में कार्य पूर्ण करने का निर्देश,

Munger News : Dr Suresh Kumar

पंचायतों में संचालित योजनाओं एवं अन्य विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा को लेकर  समाहरणालय सभाकक्ष में जिलाधिकारी मुंगेर  निखिल धनराज निप्पाणीकर की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक  की गई। बैठक में वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत चल रही योजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने तथा लंबित कार्यों को शीघ्र समाप्त करने के निर्देश दिए गए। बैठक में सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
जिलाधिकारी ने कई प्रखंडों में पंचायत स्तर पर संचालित योजनाओं की धीमी गति पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि वित्तीय वर्ष समाप्ति की ओर है और कार्य प्रगति की यह स्थिति असंतोषजनक है, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लापरवाही अथवा केवल कागजी प्रगति दिखाकर काम नहीं चलेगा, बल्कि सभी योजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण करना सुनिश्चित करें।
उन्होंने सभी प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि पंचायत स्तर पर चल रहे विकास कार्यों का अद्यतन प्रतिवेदन एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराएं। साथ ही जिन पंचायतों में कार्य की गति धीमी है, वहां एक सप्ताह के अंदर प्रगति लाने और लंबित योजनाओं को शीघ्र पूरा करने का आदेश दिया।
प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि कई प्रखंडों में अब तक लाभुकों को द्वितीय एवं तृतीय किस्त की राशि का उपावंटन नहीं किया गया है। इस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने लंबित आवेदनों की तत्काल समीक्षा कर शीघ्र राशि निर्गत करने का निर्देश दिया।
लोहिया स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालय निर्माण एवं भुगतान की समीक्षा में जिलाधिकारी ने कहा कि कई पंचायतों में शौचालय से संबंधित आवेदन अत्यधिक लंबित हैं। उन्होंने संबंधित पंचायतों में विशेष शिविर लगाकर आवेदनों के निष्पादन एवं शीघ्र भुगतान का निर्देश दिया। सभी प्रखंड संयोजकों को क्षेत्रों में जाकर स्थलीय निरीक्षण कर जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा गया।
कचरा निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जहां डंपिंग यार्ड उपलब्ध हैं, वहां अन्य स्थानों पर कचरा डंप करना गलत है। कचरे का निस्तारण केवल निर्धारित डंपिंग यार्ड अथवा वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट (डब्ल्यूपीयू) में ही किया जाए। साथ ही डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण एवं शुल्क वसूली को प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए गए। जिन पंचायतों में डब्ल्यूपीयू अभी तक कार्यशील नहीं है, वहां स्थलीय जांच कर शीघ्र संचालन सुनिश्चित करने को कहा गया।
गोवर-धन गैस इकाई के संचालन की समीक्षा में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को एजेंसी से समन्वय स्थापित कर कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी दी। इसके अतिरिक्त सामुदायिक शौचालय निर्माण के निर्धारित लक्ष्य को भी समय पर पूरा करने का निर्देश दिया

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