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सफरनामा 2025 में मुंगेर : अपराध पर कड़ा प्रहार, कानून का दबदबा, 12 हत्याएँ, 3,836 गिरफ्तारियाँ, सलाखों के पीछे रहा टॉप-10 कुख्यात अपराधी,

डॉ सुरेश कुमार मुंगेर।
वर्ष 2025 मुंगेर जिले के लिए कानून-व्यवस्था के लिहाज़ से निर्णायक साबित हुआ। पूरे साल चली सघन पुलिस कार्रवाई का असर साफ दिखा—हत्या जैसे जघन्य अपराध सीमित हुए, कुख्यात अपराधियों पर शिकंजा कसा और हज़ारों अपराधी कानून के शिकंजे में आए। मुंगेर पुलिस के आधिकारिक आँकड़े बताते हैं कि 2025 में जिले में 12 हत्याएँ हुईं, जबकि अपराध नियंत्रण के तहत 3,836 अपराधियों की गिरफ्तारी की गई।
लूट और संगठित अपराध पर सीधी चोट :-
वर्ष 2025 में जिले में 84 लूट की घटनाएँ दर्ज की गईं। पुलिस के अनुसार, इन घटनाओं के पीछे सक्रिय गिरोहों और अवैध हथियारों की भूमिका सामने आई, जिसके बाद व्यापक छापेमारी और कार्रवाई तेज की गई। अवैध हथियार निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 55 मिनीगन फैक्ट्रियों का उद्भेदन किया गया, जिससे संगठित अपराध को बड़ा झटका लगा।
कुख्यातों पर शिकंजा :-
अपराध नियंत्रण की सबसे बड़ी उपलब्धि जिले के टॉप-10 कुख्यात अपराधियों की गिरफ्तारी या आत्मसमर्पण रही। हत्या, रंगदारी, लूट, आर्म्स एक्ट और एससी/एसटी एक्ट जैसे गंभीर मामलों में वांछित रहे समीर सागर उर्फ पवन मंडल, इदल राय, श्रवण यादव, सौरभ यादव, फुटुस यादव, राकेश ठाकुर, छोटू मंडल, चंदन यादव, उनिल राय सहित अन्य अपराधियों पर कार्रवाई से अपराधी नेटवर्क की कमर टूटती दिखी।
गिरफ्तारी और बरामदगी का रिकॉर्ड :-
2025 में मुंगेर पुलिस ने न सिर्फ बड़ी संख्या में अपराधियों को पकड़ा, बल्कि भारी मात्रा में अवैध आग्नेयास्त्र, कारतूस, मादक पदार्थ और शराब की बरामदगी की। नक्सल मामलों में भी 6 गिरफ्तारी और 4 आत्मसमर्पण दर्ज किए गए, जिससे उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में शांति की उम्मीद जगी।
महिला सुरक्षा और आपात सेवा मजबूत
महिला अपराध की रोकथाम के लिए हर थाना स्तर पर महिला हेल्प डेस्क और ‘अभया ब्रिगेड’ को सक्रिय किया गया। वहीं डायल-112 सेवा के तहत वर्ष 2025 में 30,536 शिकायतों का निष्पादन किया गया, औसत रिस्पांस समय लगभग 12 मिनट 47 सेकंड रहा।
कानून का संदेश
साल 2025 का यह आंकड़ा-आधारित चित्र साफ संदेश देता है कि मुंगेर में अपराध के लिए कोई जगह नहीं है। सख़्त कार्रवाई, त्वरित अनुसंधान और लगातार निगरानी के दम पर मुंगेर पुलिस ने यह साबित किया कि कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं होगा।
2025 में मुंगेर की पहचान—अपराध पर सख़्ती और कानून का दबदबा।




