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घायल विलुप्तप्राय ईगल को मिला जीवनदान, दो डॉक्टरों की संवेदनशीलता बनी मिसाल,

मानवता और करुणा की मिसाल उस समय देखने को मिली जब सड़क किनारे घायल अवस्था में पड़े एक विलुप्तप्राय ईगल पक्षी को देखकर डेंटल डॉ. विकास कुमार एवं पशु चिकित्सक डॉ. सुबोध कुमार ने तुरंत सहायता का निर्णय लिया। दोनों चिकित्सकों ने न केवल घायल ईगल को पानी पिलाया, बल्कि आवश्यक चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराकर उसे नया जीवन दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों डॉक्टरों ने अत्यंत संवेदनशीलता और धैर्य के साथ ईगल की प्राथमिक देखभाल की। पशु चिकित्सक डॉ. सुबोध कुमार ने पक्षी की स्थिति का परीक्षण कर उपचार किया, जबकि डेंटल डॉक्टर विकास कुमार ने पूरी प्रक्रिया में सहयोग करते हुए मानवीय संवेदना का परिचय दिया। उपचार के बाद जब ईगल स्वस्थ हुआ, तो दोनों डॉक्टरों ने उसे सुरक्षित रूप से खुले आकाश में उड़ने के लिए छोड़ दिया।
इस प्रेरणादायक कार्य ने यह सिद्ध कर दिया कि चिकित्सक वास्तव में ईश्वर के दूसरे रूप होते हैं, जो निस्वार्थ भाव से हर जीव के जीवन की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं।
इस अवसर पर डेंटल डॉ. विकास कुमार ने कहा,
“जीवन चाहे मनुष्य का हो या पक्षी का, उसकी रक्षा करना हमारा नैतिक दायित्व है। घायल ईगल को स्वस्थ होकर उड़ते देखना हमारे लिए आत्मिक संतोष का क्षण था।”
वहीं पशु चिकित्सक डॉ. सुबोध कुमार ने कहा,
“विलुप्तप्राय प्रजातियों का संरक्षण हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि समय पर उपचार न मिलता, तो इस ईगल का जीवन संकट में पड़ सकता था।” मौके पर डा. संदीप कुमार, डा. कौशलेंद्र, लक्खीसराय के समाजसेवी चन्दन कुमार साह थे।
दोनों डॉक्टरों के इस मानवीय कार्य की स्थानीय नागरिकों एवं पर्यावरण प्रेमियों ने सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया है।





