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कुख्यात नक्सली सुरेश कोड़ा ने मुंगेर पुलिस के समक्ष किया आत्मसमर्पण,
60 कांडों में था फरार, 3 लाख का ईनामी; AK-47 सहित भारी मात्रा में हथियार किए समर्पित

मुंगेर जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत बड़ी सफलता हाथ लगी है। सक्रिय सशस्त्र नक्सली दस्ता के सदस्य एवं सरकार द्वारा घोषित तीन लाख रुपये के ईनामी नक्सली सुरेश कोड़ा (स्पेशल एरिया कमिटी – SAC) ने बुधवार को पुलिस केन्द्र, मुंगेर में आत्मसमर्पण कर दिया।
सुरेश कोड़ा, पिता- चुटर कोड़ा, निवासी- पैसरा, थाना- लड़ैयाटांड, जिला- मुंगेर, ने पुलिस उप-महानिरीक्षक, मुंगेर क्षेत्र एवं अन्य वरीय अधिकारियों की उपस्थिति में आत्मसमर्पण किया। इस अवसर पर पुलिस उप-महानिरीक्षक (एसटीएफ) एवं जिलाधिकारी, मुंगेर भी मौजूद रहे।
भारी मात्रा में हथियार और कारतूस समर्पित
आत्मसमर्पण के दौरान सुरेश कोड़ा ने अपने साथ 01 AK-47 असाल्ट राइफल 01 AK-56 असाल्ट राइफल, 02 इंसास राइफल, 505 जिंदा कारतूस पुलिस के समक्ष जमा कराए। उन्होंने मुख्यधारा में जुड़कर सामान्य जीवन जीने का संकल्प भी लिया।

60 मामलों में था वांछित :-
पुलिस के अनुसार सुरेश कोड़ा वर्ष 2008 से 2025 तक दर्ज कुल 60 कांडों में फरार चल रहा था। 5 जुलाई 2025 को राजासराय (हवेली खड़गपुर) क्षेत्र में पुलिस बल के साथ हुई मुठभेड़ के बाद उसकी संगठनात्मक स्थिति कमजोर पड़ गई थी।
पूर्व में भी तीन कमांडरों ने किया था आत्मसमर्पण :-
गौरतलब है कि 28 दिसंबर 2025 को तीन नक्सली कमांडरों – बहादुर कोड़ा (सब जोनल कमांडर), नारायण कोड़ा (जोनल कमांडर), विनोद कोड़ा उर्फ बिनो कोड़ा ने भी आत्मसमर्पण किया था। इनके द्वारा 02 इंसास राइफल, 04 एसएलआर राइफल, लगभग 500 जिंदा कारतूस और 10 वॉकी-टॉकी समर्पित किए गए थे।
इसके अलावा 27 जुलाई 2025 को भोला कोड़ा उर्फ विकास उर्फ रोहित कोड़ा ने भी आत्मसमर्पण किया था।
नक्सलमुक्त हुआ मुंगेर जिला
मुंगेर पुलिस एवं एसटीएफ, बिहार द्वारा चलाए जा रहे लगातार छापेमारी अभियान, अर्द्धसैनिक बलों के साथ समन्वय तथा सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वासन नीति के सकारात्मक प्रभाव से नक्सली संगठन कमजोर हुआ है। पुलिस प्रशासन ने दावा किया है कि सुरेश कोड़ा के आत्मसमर्पण के बाद मुंगेर जिला पूर्णतः नक्सल मुक्त हो चुका है और वर्तमान में जिले में कोई सक्रिय नक्सली दस्ता शेष नहीं है।
आत्मसमर्पण नीति के तहत मिलेंगी सुविधाएं
बिहार सरकार की आत्मसमर्पण सह पुनर्वासन नीति के तहत सुरेश कोड़ा को निम्न लाभ प्रदान किए जाएंगे:
घोषित ईनाम राशि: ₹3,00,000
आत्मसमर्पण प्रोत्साहन राशि: ₹5,00,000
36 माह तक ₹10,000 प्रतिमाह (कुल ₹3,60,000) प्रशिक्षण भत्ता
हथियार समर्पण प्रोत्साहन राशि: ₹71,515
इसके अतिरिक्त पुनर्वास हेतु 5 डिसमिल भूमि (एसटी वर्ग के लिए), प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ, जन वितरण प्रणाली की दुकान, सरकारी रोजगार, वृद्धावस्था पेंशन, बच्चों की शिक्षा एवं बालिकाओं के विवाह हेतु योजना लाभ, पशुपालन अनुदान, आयुष्मान कार्ड, लेबर कार्ड एवं जीविका से जोड़ने की सुविधा दी जाएगी।
पुलिस ने किया स्वागत
मुंगेर पुलिस ने सुरेश कोड़ा के मुख्यधारा में शामिल होने का स्वागत करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। अधिकारियों ने कहा कि सरकार की पुनर्वास नीति और जनसहयोग से क्षेत्र में शांति एवं विकास को बढ़ावा मिलेगा।




