पॉक्सो मामलों में गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान को लेकर पुलिस पदाधिकारियों की कार्यशाला आयोजित,

पॉक्सो जैसे संवेदनशील मामलों में अनुसंधान की गुणवत्ता बढ़ाने तथा उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन को सुनिश्चित करने हेतु आज पुलिस केन्द्र, मुंगेर स्थित सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सहायक निबंधक, पटना उच्च न्यायालय के पत्र सं.-12318/67, दिनांक 08.10.25 के आलोक में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य पुलिस पदाधिकारियों की संवेदनशीलता एवं विधिक समझ को और अधिक सुदृढ़ करना था।

कार्यशाला में मुंगेर जिले के सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, अंचल पुलिस निरीक्षक, थानाध्यक्ष एवं अनुसंधानकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में न्यायपालिका एवं अभियोजन से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और उन्होंने पॉक्सो कानून के प्रावधानों, अनुसंधान की बारीकियों तथा न्यायालयीय प्रक्रियाओं पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया।
कार्यशाला में प्रमुख वक्ता प्रदीप कुमार चौधरी, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-VI (विशेष न्यायाधीश, पॉक्सो), मुंगेर, प्रज्ञा मानस, प्रधान दण्डाधिकारी, किशोर न्याय परिषद, मुंगेर, अनिल कुमार, उप निदेशक/मुख्य अभियोजक, जिला अभियोजन निदेशालय, मुंगेर, संजय कुमार सिंह, लोक अभियोजक, व्यवहार न्यायालय, मुंगेर, प्रितम कुमार वैश्य, विशेष लोक अभियोजक, पॉक्सो कोर्ट, व्यवहार न्यायालय, मुंगेर, लक्ष्मीकांत प्रोहित, अनुमंडल अभियोजन पदाधिकारी, मुंगेर, रिशु कुमार, अभियोजन पदाधिकारी, जे.जे.बी., मुंगेर थे।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने पॉक्सो मामलों में त्वरित, पारदर्शी और पीड़ित-केन्द्रित अनुसंधान की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही घटनास्थल निरीक्षण, गवाहों के बयान, फॉरेंसिक साक्ष्यों के संकलन एवं केस डायरी की गुणवत्ता बढ़ाने संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए।
कार्यशाला का उद्देश्य पुलिस पदाधिकारियों को विधिक रूप से अधिक सशक्त और संवेदनशील बनाना था, ताकि पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में न्यायिक प्रक्रिया और भी सुगम एवं प्रभावी हो सके।




