असरगंज में विशेष धावा दल का अभियान: एक बाल श्रमिक विमुक्त, नियोजक पर होगी प्राथमिकी,

जिले के असरगंज प्रखंड में आज श्रम विभाग द्वारा चलाए गए विशेष धावा दल अभियान के दौरान विभिन्न दुकान, प्रतिष्ठान, होटल, रेस्टुरेंट, मॉल और गैराजों में सघन जाँच की गई। यह अभियान श्री कुमार अमन, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, असरगंज के नेतृत्व में चलाया गया।
जाँच के क्रम में असरगंज थाना क्षेत्र से एक बाल श्रमिक को विमुक्त कराया गया। तत्पश्चात बच्चे को बाल कल्याण समिति, मुंगेर के समक्ष प्रस्तुत कर बाल गृह में भेजा गया। वहीं बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के तहत संबंधित नियोजक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
श्रम अधीक्षक सत्य प्रकाश ने बताया कि यह अभियान जिले में लगातार जारी रहेगा। उन्होंने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक कुल 34 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया है। श्री प्रकाश ने यह भी स्पष्ट किया कि बच्चों से श्रम कराना पूरी तरह गैर-कानूनी है, और अधिनियम के तहत ऐसे दोषियों पर 20,000 से 50,000 रुपये तक का जुर्माना तथा दो वर्षों तक के कारावास का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार नियोजक से अतिरिक्त 20,000 रुपये की वसूली भी की जाएगी।
आज के अभियान में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी श्री कुमार रमन (तारापुर), श्री निलेश कुमार (टेटियाबम्बर), परिवार विकास NGO की सदस्य श्रीमती पिंकी कुमारी तथा पुलिस बल के जवान भी शामिल थे।
श्रम विभाग ने पुनः यह अपील की है कि बाल श्रम अपराध है और ऐसे मामलों की सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन को दें, ताकि बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।




