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नववर्ष पर मुंगेर के पर्यटन स्थलों पर उमड़ा सैलानियों का सैलाब, प्रकृति की गोद में मना जश्न,
डॉ सुरेश कुमार मुंगेर।

नववर्ष के अवसर पर मुंगेर जिला पूरी तरह पर्यटन उत्सव में डूबा नजर आया। जिले के प्रमुख पिकनिक एवं पर्यटन स्थलों—भीम बांध, ऋषिकुंड, खड़गपुर झील, काली पहाड़, रामेश्वर कुंड, तीतपनिया, भवराकुंड, उचेश्वर महादेव, देवघर महादेव, ढोल पहाड़ी, भौंरा कुंड, दामनकोल और घोड़ाखुर—पर सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अहले सुबह से ही पर्यटक अपने परिवार और मित्रों के साथ इन स्थलों पर पहुंचने लगे और दिनभर वनभोज, प्राकृतिक नजारों व आपसी मेल-जोल का आनंद उठाते रहे।
हवेली खड़गपुर झील इस वर्ष नववर्ष के दिन सबसे बड़ा आकर्षण केंद्र बनी रही। अनुमान के अनुसार यहां 50 से 60 हजार से अधिक सैलानी पहुंचे। भागलपुर, पूर्णिया, बेगूसराय, जमुई, लखीसराय, खगड़िया सहित कई जिलों से आए पर्यटकों ने झील की सुरम्य वादियों में पिकनिक मनाई। सुबह झील को ढकती कोहरे की चादर और चारों ओर फैली हरियाली ने सैलानियों को खासा आकर्षित किया। ठंड के बावजूद लोग कैमरे और मोबाइल से खूबसूरत दृश्यों को कैद करते नजर आए।
भीम बांध और ऋषिकुंड में गर्म जलकुंडों में स्नान कर सैलानियों ने नववर्ष का स्वागत किया। इसके बाद परिवारों ने पिकनिक मनाई और स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठाया। कई सैलानी पहाड़ियों की सैर पर निकले और चोटी तक पहुंचकर रील्स व सेल्फी बनाते दिखे। कुछ लोग घर से ही भोजन बनाकर दोपहर बाद पिकनिक स्पॉट पर पहुंचे और प्रकृति के बीच वनभोज का आनंद लिया।
भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। खड़गपुर झील और ऋषिकुंड क्षेत्र में सुरक्षा के मद्देनजर एसडीआरएफ की टीम तैनात की गई थी। अनुमंडल पदाधिकारी राजीव रौशन स्वयं एसडीआरएफ के साथ झील परिसर और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते नजर आए। वहीं, पुलिस अधीक्षक मुंगेर सैयद इमरान मसूद के निर्देश पर पर्याप्त संख्या में पुलिस पदाधिकारी और जवानों की तैनाती की गई थी।
भीड़ प्रबंधन के लिए इस बार खड़गपुर झील में बोटिंग पर रोक लगाई गई थी। साथ ही वन-वे यातायात व्यवस्था लागू की गई, जिसमें एग्जिट के लिए मधुबन–दरियापुर मार्ग निर्धारित किया गया। नववर्ष पर मुंगेर के पर्यटन स्थलों पर उमड़ा सैलानियों का सैलाब, प्रकृति की गोद में मना जश्न
हवेली खड़गपुर | मुंगेर संवाददाता
नववर्ष के अवसर पर मुंगेर जिला पूरी तरह पर्यटन उत्सव में डूबा नजर आया। जिले के प्रमुख पिकनिक एवं पर्यटन स्थलों—भीम बांध, ऋषिकुंड, खड़गपुर झील, काली पहाड़, रामेश्वर कुंड, तीतपनिया, भवराकुंड, उचेश्वर महादेव, देवघर महादेव, ढोल पहाड़ी, भौंरा कुंड, दामनकोल और घोड़ाखुर—पर सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अहले सुबह से ही पर्यटक अपने परिवार और मित्रों के साथ इन स्थलों पर पहुंचने लगे और दिनभर वनभोज, प्राकृतिक नजारों व आपसी मेल-जोल का आनंद उठाते रहे।

हवेली खड़गपुर झील इस वर्ष नववर्ष के दिन सबसे बड़ा आकर्षण केंद्र बनी रही। अनुमान के अनुसार यहां 50 से 60 हजार से अधिक सैलानी पहुंचे। भागलपुर, पूर्णिया, बेगूसराय, जमुई, लखीसराय, खगड़िया सहित कई जिलों से आए पर्यटकों ने झील की सुरम्य वादियों में पिकनिक मनाई। सुबह झील को ढकती कोहरे की चादर और चारों ओर फैली हरियाली ने सैलानियों को खासा आकर्षित किया। ठंड के बावजूद लोग कैमरे और मोबाइल से खूबसूरत दृश्यों को कैद करते नजर आए।
भीम बांध और ऋषिकुंड में गर्म जलकुंडों में स्नान कर सैलानियों ने नववर्ष का स्वागत किया। इसके बाद परिवारों ने पिकनिक मनाई और स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठाया। कई सैलानी पहाड़ियों की सैर पर निकले और चोटी तक पहुंचकर रील्स व सेल्फी बनाते दिखे। कुछ लोग घर से ही भोजन बनाकर दोपहर बाद पिकनिक स्पॉट पर पहुंचे और प्रकृति के बीच वनभोज का आनंद लिया।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, प्रशासन रहा सतर्क
भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। खड़गपुर झील और ऋषिकुंड क्षेत्र में सुरक्षा के मद्देनजर एसडीआरएफ की टीम तैनात की गई थी। अनुमंडल पदाधिकारी राजीव रौशन स्वयं एसडीआरएफ के साथ झील परिसर और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते नजर आए। वहीं, पुलिस अधीक्षक मुंगेर सैयद इमरान मसूद के निर्देश पर पर्याप्त संख्या में पुलिस पदाधिकारी और जवानों की तैनाती की गई थी।
भीड़ प्रबंधन के लिए इस बार खड़गपुर झील में बोटिंग पर रोक लगाई गई थी। साथ ही वन-वे यातायात व्यवस्था लागू की गई, जिसमें एग्जिट के लिए मधुबन–दरियापुर मार्ग निर्धारित किया गया। सेल्फी प्वाइंट के आसपास घोड़ों और दुकानों के कारण भीड़ अधिक देखी गई, जिसे पुलिस बल नियंत्रित करता रहा। शाम पांच बजे के बाद प्रशासन द्वारा झील परिसर को क्रमबद्ध तरीके से खाली कराया गया।
पर्यटन स्थलों पर रही रौनक
कुल मिलाकर नववर्ष पर मुंगेर जिले के ऋषिकुंड, भीम बांध, खड़गपुर झील सहित अन्य प्राकृतिक व धार्मिक पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की चहल-पहल और उत्साह से क्षेत्र की फिजाएं गुलजार रहीं। नववर्ष का यह उत्सव न केवल लोगों के लिए यादगार रहा, बल्कि जिले के पर्यटन को भी नई पहचान देता नजर आया। प्वाइंट के आसपास घोड़ों और दुकानों के कारण भीड़ अधिक देखी गई, जिसे पुलिस बल नियंत्रित करता रहा। शाम पांच बजे के बाद प्रशासन द्वारा झील परिसर को क्रमबद्ध तरीके से खाली कराया गया।
कुल मिलाकर नववर्ष पर मुंगेर जिले के ऋषिकुंड, भीम बांध, खड़गपुर झील सहित अन्य प्राकृतिक व धार्मिक पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की चहल-पहल और उत्साह से क्षेत्र की फिजाएं गुलजार रहीं। नववर्ष का यह उत्सव न केवल लोगों के लिए यादगार रहा, बल्कि जिले के पर्यटन को भी नई पहचान देता नजर आया।




