
कांग्रेस अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार ने राजेश मिश्रा को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में संगठन नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा और जमीनी स्तर पर पार्टी और अधिक मजबूत होगी।
बिहार में संगठन को और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्य में संगठनात्मक जिलों के पुनर्गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही पुनर्गठित जिला कांग्रेस समितियों के अध्यक्षों की नियुक्ति को भी तत्काल प्रभाव से स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
यह जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल द्वारा जारी आधिकारिक बयान में दी गई। उन्होंने बताया कि ये नियुक्तियाँ कांग्रेस पार्टी के “संगठन सृजन अभियान” के अंतर्गत की गई हैं, जिसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करना और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना है।
बताया गया है कि इस अभियान के तहत प्रत्येक जिले में नियुक्त एआईसीसी पर्यवेक्षकों ने विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्थानीय पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं अन्य हितधारकों से व्यापक संवाद स्थापित किया और उनकी राय को गंभीरता से लिया। इसके उपरांत पर्यवेक्षकों ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट शीर्ष नेतृत्व को सौंपी। इन रिपोर्टों पर गहन मंथन के बाद संबंधित पर्यवेक्षकों एवं वरिष्ठ नेताओं के साथ व्यक्तिगत स्तर पर चर्चा कर अंतिम निर्णय लिया गया।
इसी क्रम में मुंगेर सहित विभिन्न जिलों में नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है। मुंगेर में राजेश मिश्रा को जिला कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाए जाने पर पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है।
इस अवसर पर कांग्रेस अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार ने राजेश मिश्रा को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में संगठन नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा और जमीनी स्तर पर पार्टी और अधिक मजबूत होगी।
वहीं, पार्टी के अन्य नेताओं—विशाल चौरसिया, इंजीनियर रोहित मणि भूषण, निरंजन झा, मुंगेर चैंबर ऑफ़ कॉमर्स शाखा हवेली खड़गपुर के अध्यक्ष अंजनी ठाकुर तथा आईटी सेल के जिला अध्यक्ष विशाल मोदी—ने भी नव नियुक्त जिला अध्यक्ष को शुभकामनाएँ दीं और संगठन को सशक्त बनाने में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया।
कांग्रेस पार्टी के इस कदम को आगामी चुनावों के मद्देनजर संगठनात्मक मजबूती की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि नए चेहरों और सक्रिय कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देकर संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी तथा जनता के बीच पार्टी की पकड़ और मजबूत होगी।




