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शहादत दिवस पर एसपी के.सी. सुरेंद्र बाबू सहित छह वीर जवानों को नमन, डीआईजी बोले—लोकतंत्र और जनता की जीत सुनिश्चित

हवेली खड़गपुर थाना परिसर में सोमवार को शहादत दिवस के अवसर पर 5 जनवरी 2005 को भीमबांध क्षेत्र में नक्सली हिंसा में शहीद हुए तत्कालीन पुलिस अधीक्षक स्व. के.सी. सुरेंद्र बाबू सहित छह वीर पुलिसकर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। शहीद स्मारक पर स्थापित आदमकद प्रतिमाओं पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पण कर शहादत को नमन किया गया।

मुख्य अतिथि आरक्षी उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) राकेश कुमार ने कहा कि यह पिछले 20–21 वर्षों की सतत मेहनत, रणनीतिक कार्रवाई और जनता–पुलिस के सहयोग का परिणाम है कि आज न केवल हवेली खड़गपुर या मुंगेर, बल्कि लगभग पूरा बिहार नक्सल प्रभाव से मुक्त हो चुका है। अब केवल चार–पांच जिलों में सतर्क निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं गया, बल्कि उसी का परिणाम है कि आज लोकतंत्र, संविधान और सिस्टम की जीत स्पष्ट दिखाई दे रही है।

डीआईजी ने कहा कि नक्सल प्रभावित दौर में भय और नकारात्मकता का माहौल होता था, लेकिन हवेली खड़गपुर की जनता ने कभी हिम्मत नहीं हारी। नागरिकों के सहयोग से असामाजिक तत्वों को पनपने का अवसर नहीं मिला और क्षेत्र में विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ। उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में तीन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि पूर्व में कई की गिरफ्तारी और मुठभेड़ हुई, जो नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई का प्रमाण है। शहीदों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रशासन हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा है।

अनुमंडल पदाधिकारी राजीव रौशन ने कहा कि 20 वर्षों में क्षेत्र की तस्वीर बदली है। जहां कभी नक्सलियों का खौफ था, आज वहां विकास और पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है। डीएसपी अनिल कुमार ने जनता से पुलिस को सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि विकास योजनाएं तेजी से चल रही हैं। नगर परिषद के मुख्य पार्षद प्रभु शंकर ने नक्सलमुक्त क्षेत्र के संकल्प को दोहराया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एसडीपीओ अनिल कुमार ने की, जबकि संयोजन थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डीएसपी अनिल कुमार द्वारा किया गया। इस अवसर पर एसएसबी के सहायक कमांडेंट अनिल कुमार, बीडीओ प्रियंका कुमारी, अंचल अधिकारी जय प्रकाश, इंस्पेक्टर अरविंद कुमार, शामपुर थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार सहित बड़ी संख्या में पुलिस पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, प्रबुद्ध नागरिक एवं शहीद जवानों के परिजन उपस्थित रहे। शाम को शहीद स्मारक पर मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि दी गई तथा परिजनों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
उल्लेखनीय है कि 5 जनवरी 2005 को भीमबांध से लौटने के दौरान सोनरवा गांव के समीप नक्सलियों द्वारा लगाए गए बारूदी सुरंग विस्फोट में एसपी के.सी. सुरेंद्र बाबू, ध्रुव कुमार ठाकुर, मो. इस्लाम, शिवकुमार राम, ओमप्रकाश गुप्ता और अब्दुल कलाम शहीद हो गए थे। उनकी शहादत आज भी पुलिस बल और समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई है।




