
नालंदा जिले के नूरसराय में महिला के साथ हुई वीभत्स घटना को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अतिपिछड़ा (EBC) प्रकोष्ठ की ओर से सदाकत आश्रम, पटना में आयोजित प्रेस वार्ता में राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला गया।
ईबीसी कांग्रेस की मीडिया प्रभारी मेनका कुमारी ने नूरसराय कांड को शर्मनाक बताते हुए नालंदा के डीएम व एसपी को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने तथा गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री का गृह जिला ही सुरक्षित नहीं है, तो राज्य के अन्य जिलों की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
मेनका कुमारी ने कहा कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध चिंता का विषय हैं। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि वर्ष 2023 में महिलाओं के खिलाफ 22,952 अपराध दर्ज हुए, जबकि जनवरी 2024 से दिसंबर 2025 तक बलात्कार के 2025 मामले सामने आए। उन्होंने इसे सरकार पर “धब्बा” करार दिया।
प्रदेश महिला ईबीसी अध्यक्ष नीतू सिंह निषाद ने भी घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि अब तक गृह मंत्री की ओर से कोई ठोस बयान नहीं आया है। उन्होंने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और स्पीडी ट्रायल के जरिए एक माह के भीतर सजा सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि कई मामलों में पीड़ितों की आवाज थाना स्तर तक भी नहीं पहुंच पाती।
प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष शशि भूषण पंडित ने भी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जिस राज्य में महिलाओं का सम्मान सुरक्षित नहीं है, वहां विकास की कल्पना अधूरी है।
कांग्रेस नेताओं ने सरकार से मांग की कि पीड़ित महिला को सामाजिक सुरक्षा के तहत रोजगार उपलब्ध कराया जाए। साथ ही प्रत्येक थाना में महिला न्याय सेल और हर जिले में महिला कोर्ट का गठन किया जाए, ताकि महिलाओं से जुड़े मामलों का त्वरित और संवेदनशील निपटारा हो सके।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बिहार में कुल थानों में केवल लगभग 3% ही महिला थाना हैं, जिससे महिलाओं को न्याय मिलने में कठिनाई होती है। पार्टी ने राज्य सरकार से महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।




