सहरसा : कबाड़ी व्यवसायी मनोज कुमार साह की संदिग्ध मौत, परिजनों ने पुलिस पिटाई का लगाया आरोप,

सहरसा, बिहार। सौरबाजार थाना क्षेत्र के कबाड़ी व्यवसायी मनोज कुमार साह (36 वर्ष) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि मनोज को चोरी के तार खरीदने के शक में पुलिस द्वारा थाने ले जाकर गंभीर रूप से पीटा गया, जिसके कारण उनकी हालत बिगड़ती चली गई और अंततः उनकी मौत हो गई।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, 27 नवंबर को पुलिस मनोज साह को दुकान से उठाकर पूछताछ के लिए थाने ले गई थी। परिजनों का आरोप है कि थाने में उनसे दो लाख रुपये की मांग की गई तथा रुपये नहीं देने पर उन्हें बेरहमी से पीटा गया। अगले दिन 28 नवंबर को उन्हें छोड़ दिया गया, लेकिन उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती रही।
परिजन उन्हें प्राथमिक इलाज के बाद घर लेकर आए, पर स्थिति गंभीर होने पर 2 दिसंबर की सुबह उन्हें एक निजी क्लिनिक ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का आरोप
- पुलिस कस्टडी में मनोज साह की पिटाई की गई।
- उनसे रुपए की मांग की गई थी।
- पिटाई के कारण उनकी तबीयत खराब हुई और यही मौत का कारण बनी।
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग थाने व प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाने लगे। न्यायिक जांच और दोषियों पर कार्रवाई की माँग तेज हो गई है।
पुलिस का पक्ष
पुलिस ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि चोरी के तार बरामद नहीं हुए थे और सिर्फ औपचारिक पूछताछ के बाद मनोज को छोड़ दिया गया था। पिटाई या अवैध वसूली के आरोपों से पुलिस ने साफ इनकार किया है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
मौत का वास्तविक कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा। प्रशासन ने कहा है कि रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
स्थानीय माहौल
घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है। लोग पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।




