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20 वर्षों की गौरवशाली सेवा के बाद वायुसेना से सेवानिवृत्त हुए आशीष कुमार केसरी का हवेली खड़गपुर में भव्य स्वागत

नगर के लिए यह अत्यंत गर्व और हर्ष का क्षण रहा जब हवेली खड़गपुर के सपूत आशीष कुमार केसरी भारतीय वायुसेना में 20 वर्षों तक निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ देश की सेवा करने के उपरांत सेवानिवृत्त होकर अपने गृह नगर लौटे। इस अवसर पर नगरवासियों ने गाजा-बाजा के साथ फूल-मालाओं, अंगवस्त्र और सम्मान के साथ उनका भव्य स्वागत किया।

सेवानिवृत्त वायुसेना कर्मी के आगमन पर पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। स्वागत समारोह के दौरान उनके परिजनों—माता मीणा केसरी, पत्नी खुशबू केसरी, पिता शंभू केसरी, बड़े भाई अभिषेक कुमार केसरी, भाभी स्नेहा केसरी सहित परिवारजनों की खुशी देखते ही बन रही थी। आशीष केसरी ने अपने माता-पिता एवं वरिष्ठ परिजनों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया, जिससे भावुक क्षण उत्पन्न हो गया।

गृह प्रवेश के पश्चात उन्होंने सर्वप्रथम गायत्री माता की पूजा-अर्चना कर देश, परिवार और समाज की सुख-शांति की कामना की। इसके बाद शुभचिंतकों एवं नगरवासियों ने उन्हें सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और दीर्घायु होने की कामना की।
इस अवसर पर मुंगेर चेंबर ऑफ कॉमर्स शाखा हवेली खड़गपुर के शाखा अध्यक्ष अंजनी ठाकुर, गणेश चौरसिया, राकेश चंद्र सिंह, अशोक केसरी, डॉ. सुरेश कुमार, पंकज चौरसिया, दुर्गेश सिंह सहित बड़ी संख्या में नगरवासी, मित्र और शुभचिंतक उपस्थित रहे।
सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए आशीष कुमार केसरी ने सभी नगरवासियों और उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि “अपने 20 वर्षों के सेवा काल में मैंने सदैव इस बात का ध्यान रखा कि अपने शहर, जिले और बिहार का नाम कभी कलंकित न हो। देश सेवा के माध्यम से मैंने अपने क्षेत्रवासियों को गौरवान्वित करने का पूरा प्रयास किया।”
उन्होंने यह भी कहा कि “सेना के सेवा काल में पत्नी और परिवार का सहयोग सबसे बड़ा योगदान होता है। जब कोई सैनिक युद्ध या कठिन ड्यूटी पर जाता है, तब घर की महिलाओं पर क्या बीतती है, इसे वही समझ सकता है। मेरी सेवा में मेरी पत्नी का सहयोग अमूल्य रहा।”
नगरवासियों ने कहा कि ऐसे वीर सपूतों के कारण ही देश सुरक्षित, मजबूत और गौरवान्वित है। आशीष कुमार केसरी की उपलब्धि पर पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है।
हवेली खड़गपुर को अपने इस लाल पर गर्व है, जिसने राष्ट्र सेवा को जीवन का उद्देश्य बनाकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरे हैं।





