जमालपुर रेल कारखाना को लेकर संघर्ष मोर्चा का आंदोलन तेज करने का ऐलान, भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में अनदेखी के लगाए आरोप

जमालपुर। जमालपुर रेल निर्माण कारखाना संघर्ष मोर्चा की एक आवश्यक बैठक रविवार को जुबली वेल स्थित कन्हैया सिंह के आवास पर मोर्चा के संरक्षक दिनेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक का संचालन मोर्चा के संयोजक सह समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष पप्पू यादव ने किया।
बैठक में जमालपुर रेल कारखाना को पूर्व मध्य रेलवे में शामिल करने, निर्माण इकाई का दर्जा देने, रेलवे विश्वविद्यालय की स्थापना, वाई-लेग पर रेलवे स्टेशन निर्माण तथा रेलवे प्रशासन में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार समेत विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इन मांगों को लेकर आंदोलन की रूपरेखा भी तैयार की गई।
अध्यक्षीय संबोधन में दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि जमालपुर रेल क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों पर स्थानीय अधिकारियों द्वारा आम जनता को लगातार गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब इन मुद्दों पर संघर्ष मोर्चा आंदोलन के माध्यम से जवाब देगा।
संचालन करते हुए पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि घाटे में चल रहा पूर्व रेलवे का जमालपुर कारखाना अधिकारियों, आरपीएफ और संवेदकों के लिए उगाही का केंद्र बनकर रह गया है। उन्होंने कहा कि कारखाना को पूर्व मध्य रेलवे में शामिल करने, इरमी को सुपर एक्सीलेंस का दर्जा दिलाने, वाई-लेग पर स्टेशन निर्माण तथा स्टेशन के पूर्वी और पश्चिमी हिस्से को जोड़ने के लिए ऊपरी पथ (ओवरब्रिज) के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अधिकारियों की चुप्पी चिंताजनक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो संघर्ष मोर्चा सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगा।
मोर्चा के महासचिव पप्पी कुमार उर्फ पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि कारखाना में कथित रूप से पैसे लेकर कर्मचारियों की मनचाही जगहों पर पोस्टिंग की जा रही है तथा बाहरी मजदूरों से गेट पास के नाम पर अवैध वसूली की जाती है। उन्होंने अमृत भारत योजना के कार्यों पर भी सवाल उठाते हुए इसकी जांच कराने की मांग की।
मोर्चा के प्रवक्ता रविकांत झा एवं मीडिया प्रभारी मनोज क्रांति ने आरोप लगाया कि सफाई और निर्माण कार्यों के नाम पर कमीशनखोरी हो रही है। उन्होंने कहा कि अच्छी सड़कों को तोड़कर दोबारा बनाया जा रहा है, क्वार्टरों के गेट बदले जा रहे हैं तथा मूल्यवान लोहे को नीलामी के नाम पर बेचा जा रहा है। उन्होंने इन मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
बैठक में मिथलेश यादव, नकुल यादव, डॉ. सुधीर गुप्ता, अमित कश्यप, विपिन यादव, दिनेश शाह सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
नोट: समाचार में भ्रष्टाचार एवं अन्य अनियमितताओं संबंधी आरोप संघर्ष मोर्चा के नेताओं द्वारा बैठक के दौरान लगाए गए हैं। इन आरोपों पर संबंधित रेलवे प्रशासन या अधिकारियों की प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है।




