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बरियारपुर को मिला आधुनिक स्वास्थ्य सुविधा का उपहार, डीएम ने किया ‘गीता अर्जुन हेल्थ केयर’ मल्टी स्पेशलिस्ट अस्पताल का उद्घाटन,

बरियारपुर खादी भंडार के समीप नवस्थापित “गीता अर्जुन हेल्थ केयर” मल्टी स्पेशलिस्ट अस्पताल का उद्घाटन मंगलवार को जिला पदाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर द्वारा फीता काटकर किया गया। उद्घाटन के पश्चात जिला पदाधिकारी ने श्रीमती जिला पदाधिकारी के साथ गणेश प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने नवनिर्मित अस्पताल के विभिन्न वार्डों, ओपीडी, आईसीयू एवं अन्य चिकित्सकीय सुविधाओं का निरीक्षण भी किया।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि इस अस्पताल के शुरू होने से बरियारपुर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को स्थानीय स्तर पर सुलभ एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि अब तक मरीजों को इलाज के लिए लगभग 19 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय जाना पड़ता था, जिससे समय और संसाधनों की समस्या होती थी। यह अस्पताल क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र सिद्ध होगा।

अस्पताल के संचालक एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. के. अभिजीत ने जिलाधिकारी का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया। उन्होंने बताया कि अस्पताल में आधुनिक चिकित्सकीय सुविधाओं के साथ शिशु रोग, स्त्री रोग, दंत रोग, एनेस्थीसिया एवं आईसीयू सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि अस्पताल से 20 किलोमीटर की परिधि तक आपातकालीन स्थिति में सभी रोगियों को निशुल्क एंबुलेंस सेवा प्रदान की जाएगी।
इस अवसर पर शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. के. अभिजीत, डॉ. विकास कुमार, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. गुलनाज वसीम, डॉ. अमीत सिंह, आईसीयू एवं एनेस्थेटिक विशेषज्ञ डॉ. मो. शाहिद वसीम, दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. मो. खालिद वसीम, जमालपुर पीएचसी के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. पंकज कुमार सहित कई चिकित्सक उपस्थित रहे।
इसके अलावा जिला समन्वय समिति के अध्यक्ष मोहम्मद इकबाल, भारतीय ग्रामीण चिकित्सक संघ शाखा हवेली खड़गपुर के अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार, उपाध्यक्ष वासु एवं जिला उपाध्यक्ष अवधेश कुमार यादव, अरुण कुमार, जितेंद्र कुमार, बामदेव शाह, शाहिद सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण चिकित्सक एवं आशा कार्यकर्ता भी समारोह में मौजूद थे।
स्थानीय लोगों ने अस्पताल के उद्घाटन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा और आपात स्थिति में मरीजों को त्वरित इलाज मिल सकेगा।




