युवासमस्या

07 दिवसीय ‘युवा आपदा मित्र कार्यक्रम’ में आवास, वित्तीय एवं अन्य कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग

मुंगेर, 28 जुलाई 2026। आर.डी. एंड डी.जे. कॉलेज, मुंगेर में आयोजित 07 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण ‘युवा आपदा मित्र कार्यक्रम’ को लेकर प्रतिभागियों की आवास व्यवस्था, वित्तीय प्रबंधन तथा अन्य व्यवस्थाओं में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। इन आरोपों के आधार पर छात्र नेता एवं पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष सुमित कुमार ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
जारी बयान में कहा गया है कि आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत सभी प्रतिभागियों के लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप होटल में ठहरने की व्यवस्था की जानी चाहिए थी। आरोप है कि कुछ महिला प्रतिभागियों को होटल के बजाय कॉलेज परिसर में ठहराया गया, जिससे प्रतिभागियों में असंतोष व्याप्त है। यह भी दावा किया गया है कि पूर्व में आयोजित दो आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भी इसी प्रकार की व्यवस्था की गई थी, जिससे आवास मद में स्वीकृत राशि के उपयोग पर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं।
बयान में यह भी आरोप लगाया गया है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में वित्तीय अनियमितताओं की आशंका है। साथ ही प्रशिक्षण के लिए आवेदन प्रक्रिया, प्रतिभागियों के चयन, सूची तैयार करने तथा उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया में भी कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की गई है। आरोपों में मुंगेर विश्वविद्यालय के एनएसएस समन्वयक श्री मुनिद्र कुमार सिंह की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है।
इसके अतिरिक्त यह आरोप भी लगाया गया है कि प्रतिभागियों की संख्या के आधार पर निर्धारित भोजन एवं अन्य सुविधाओं के संबंध में वास्तविक व्यवस्था और अभिलेखों में अंतर हो सकता है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि सक्षम सरकारी जांच के बाद ही संभव होगी।
प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि सात दिवसीय प्रशिक्षण आर.डी. एंड डी.जे. कॉलेज के ऑडिटोरियम हॉल में आयोजित किया जा रहा है। इस पर सवाल उठाते हुए मांग की गई है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि ऐसे कार्यक्रमों से कॉलेज की नियमित शैक्षणिक गतिविधियां एवं विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हों। साथ ही कॉलेज परिसर के उपयोग के लिए यदि कोई आधिकारिक अनुमति या निर्धारित प्रक्रिया अपनाई गई है, तो उसे भी सार्वजनिक किया जाए।
एक अन्य आरोप में कहा गया है कि प्रतिभागियों का नि:शुल्क रक्त जांच कराने के बजाय प्रति प्रतिभागी ₹50 लिए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। इस संबंध में भी संबंधित अभिलेखों एवं प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की गई है।
छात्र नेता सुमित कुमार ने बिहार सरकार, संबंधित विभागों तथा सक्षम अधिकारियों से मांग की है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्वीकृत राशि, प्रतिभागियों की वास्तविक संख्या, आवास व्यवस्था, भोजन, अन्य खर्चों तथा सभी संबंधित अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता अथवा सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि होती है, तो दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए तथा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक कर पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
नोट: इस प्रेस विज्ञप्ति में उल्लिखित आरोप संबंधित पक्षों द्वारा लगाए गए हैं। इनकी पुष्टि सक्षम सरकारी एजेंसी या जांच प्राधिकरण द्वारा की जानी शेष है।

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