राजनीति

नीट-सीबीएसई मुद्दे पर कांग्रेस का विजय मार्च, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को बताया युवाओं के संघर्ष की जीत

मुंगेर, 25 जुलाई। नीट (NEET) और सीबीएसई परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक तथा आंदोलनरत छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में चल रहे कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शनिवार को मुंगेर जिला कांग्रेस कमेटी ने पूर्व निर्धारित कैंडल मार्च और सत्याग्रह के स्थान पर ‘विजय मार्च’ निकाला। पार्टी ने इसे देश के छात्रों, युवाओं और लोकतांत्रिक संघर्ष की जीत बताया।
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश मिश्रा के नेतृत्व में निकला विजय मार्च इंदिरा चौक से प्रारंभ होकर शहीद स्मारक तक पहुंचा, जहां सभा आयोजित कर छात्रों के आंदोलन के प्रति एकजुटता व्यक्त की गई। मार्च में कांग्रेस के विभिन्न प्रकोष्ठों, विभागों, अग्रिम संगठनों तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
सभा को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश मिश्रा ने कहा कि यह जीत किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों और युवाओं के संघर्ष की जीत है। उन्होंने कहा कि लाखों विद्यार्थियों का भविष्य कथित भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलताओं की भेंट नहीं चढ़ने दिया जा सकता। प्रत्येक छात्र का निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली पर अधिकार है तथा कांग्रेस इसी उद्देश्य से लगातार संघर्ष करती रही है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा इस बात का प्रमाण है कि लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण जनआंदोलन सत्ता को जवाबदेह बनने के लिए मजबूर कर सकता है।
जिला कांग्रेस कमेटी के ओबीसी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष राकेश कुमार मंडल ने कहा कि सरकार लंबे समय तक परीक्षा प्रणाली की विफलताओं का बचाव करती रही, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया। उन्होंने कहा कि केवल मंत्री के इस्तीफे से काम नहीं चलेगा, बल्कि पेपर लीक की घटनाओं की निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार सुनिश्चित करना होगा।
दोनों नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का स्वागत करते हुए कहा कि यह युवाओं के संघर्ष की जीत है। उन्होंने कहा कि छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन, देशव्यापी जनदबाव और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व ने सरकार को कार्रवाई करने के लिए विवश किया। कांग्रेस छात्रों के अधिकारों, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अपना संघर्ष आगे भी जारी रखेगी।
विजय मार्च में वरिष्ठ कांग्रेसी संजय पोद्दार, दिलीप मंडल, कपिल देव कुमार पंडित, छोटन कुमार तांती, विनय कुमार गुड्डू, बी.के. निराला, मो. साजिद अहमद, रामप्रवेश प्रसाद यादव, दीपक पासवान, मो. कमाल, रोहित मणिभूषण, अजीत मालाकार, चंद्रशेखर चौरासिया, रामप्रकाश सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
जिला कांग्रेस कमेटी ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के संशोधित निर्देश के अनुरूप केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद देशभर में पूर्व निर्धारित कैंडल मार्च और सत्याग्रह के स्थान पर विजय मार्च आयोजित किया गया। पार्टी ने कहा कि जब तक परीक्षा प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त नहीं बनती, तब तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।

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