बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की राशि घटाने पर राजद नेता ने सरकार को घेरा

डिजिटल दर्पण न्यूज़ | डॉ. सुरेश कुमार, पत्रकार
मुंगेर। बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 12वीं पास छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता की राशि चार लाख रुपये से घटाकर दो लाख रुपये किए जाने के फैसले को लेकर राजद के वरिष्ठ नेता प्रोफेसर विनय कुमार सुमन ने एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे छात्र विरोधी निर्णय बताते हुए सरकार से फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
प्रोफेसर विनय कुमार सुमन ने कहा कि वर्तमान एनडीए सरकार छात्र विरोधी नीति पर काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब छात्र रोजगार और नौकरी की मांग करते हैं तो सरकार उनके आंदोलनों पर लाठी और गोली चलाती है। अब उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता की राशि कम करके सरकार छात्रों के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ कर रही है।
उन्होंने कहा कि बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की शुरुआत तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 2 अक्टूबर 2016 को सात निश्चय कार्यक्रम के तहत की थी। योजना का उद्देश्य 12वीं पास छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में आर्थिक कठिनाइयों से राहत देना था। इसके तहत छात्रों को सरकार की गारंटी के आधार पर बैंकों से चार लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाता था।
प्रोफेसर सुमन के अनुसार, योजना के माध्यम से छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहयोग मिलता रहा और सरकार ने इस योजना को छात्रों के भविष्य से जोड़कर आगे बढ़ाया। उनका कहना है कि अब वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए सहायता राशि को चार लाख रुपये से घटाकर दो लाख रुपये करना उचित नहीं है।
राजद नेता ने कहा कि उच्च शिक्षा लगातार महंगी होती जा रही है। ऐसे समय में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के तहत मिलने वाली राशि को बढ़ाने के बजाय आधा कर देना छात्रों के हित में नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस फैसले पर पुनर्विचार करते हुए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत पूर्व की तरह चार लाख रुपये तक की राशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था बहाल की जाए।
उन्होंने कहा कि बिहार के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए और आर्थिक कारणों से किसी छात्र की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए।
रिपोर्ट: डॉ. सुरेश कुमार, पत्रकार
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