जमालपुर में 15 करोड़ से अधिक के कथित वित्तीय घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
जॉलीवुड म्यूजिक कंपनी से जुड़े मामले में तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी, मनी लॉन्ड्रिंग की जांच तेज

जमालपुर में 15 करोड़ रुपये से अधिक के कथित वित्तीय घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई
जॉलीवुड म्यूजिक कंपनी से जुड़े मामले में तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी, मनी लॉन्ड्रिंग की जांच तेज
डिजिटल दर्पण न्यूज़ | मुंगेर/जमालपुर | 6 अगस्त 2026
मुंगेर जिले के जमालपुर में कथित 15 करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय घोटाले से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई जॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत की जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह ईडी की टीम जमालपुर थाना क्षेत्र के नया टोला फुल्का स्थित कंपनी के निदेशक जितेंद्र कुमार राजीव के आवास सहित तीन ठिकानों पर पहुंची। अधिकारियों ने बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन, निवेश संबंधी दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों की गहन जांच शुरू कर दी। छापेमारी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस बल भी तैनात रहा।
क्या है पूरा मामला?
आरोप है कि जॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड ने चिटफंड जैसी योजना के माध्यम से लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर निवेश कराया। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, कंपनी ने बड़ी संख्या में लोगों से लगभग 15 करोड़ रुपये से अधिक की राशि एकत्र की और बाद में कार्यालय बंद कर संचालक फरार हो गए।
18 नवंबर 2024 को कंपनी के कार्यालय पर ताला लगने के बाद बड़ी संख्या में निवेशकों ने जमालपुर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। इस आधार पर जमालपुर थाना कांड संख्या 224/24 दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कंपनी निवेशकों की जमा राशि लेकर फरार हो गई।
निदेशक ने किया था आत्मसमर्पण
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की, लेकिन कंपनी के निदेशक जितेंद्र कुमार राजीव सहित अन्य आरोपी फरार बताए गए। बाद में पुलिस के दबाव के बीच जितेंद्र कुमार राजीव ने मुंगेर न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। वर्तमान में वे न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं।
ईडी की जांच का दायरा बढ़ा
अब प्रवर्तन निदेशालय इस पूरे मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच कर रहा है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि निवेशकों से जुटाई गई राशि का उपयोग कहां और किस प्रकार किया गया, धन का प्रवाह किन खातों में हुआ तथा क्या अवैध तरीके से संपत्तियां अर्जित की गईं।
सूत्रों के अनुसार, मामले में नामजद अन्य आरोपियों और संबंधित व्यक्तियों से भी पूछताछ की जा रही है। बैंकिंग रिकॉर्ड, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्यों का भी मिलान किया जा रहा है।
फिलहाल ईडी की कार्रवाई जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के संबंध में स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।
डिजिटल दर्पण न्यूज़ की अपील:
यदि आप भी इस मामले से जुड़े निवेशक हैं या आपके पास कोई प्रमाणिक जानकारी है, तो संबंधित जांच एजेंसी या स्थानीय पुलिस को उपलब्ध कराएं। किसी भी अपुष्ट सूचना या अफवाह को सोशल मीडिया पर साझा करने से बचें।
(अस्वीकरण: यह समाचार जांच एजेंसियों और शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ही स्पष्ट होगा।)




