अमृत भारत योजना के बंदरबांट का शिकार हुआ मॉडल स्टेशन जमालपुर? मुख्य द्वार पर फूड वैन का सपा ने किया विरोध

जमालपुर। पूर्व रेलवे के मालदा मंडल द्वारा मॉडल स्टेशन जमालपुर के मुख्य द्वार पर फूड वैन संचालित करने की प्रस्तावित योजना का समाजवादी पार्टी ने कड़ा विरोध किया है। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सह जमालपुर रेल निर्माण कारखाना संघर्ष मोर्चा के संयोजक पप्पू यादव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने स्टेशन प्रबंधक को मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) के नाम ज्ञापन सौंपकर इस योजना पर पुनर्विचार करने की मांग की।

ज्ञापन सौंपने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि मॉडल स्टेशन जमालपुर के मुख्य द्वार पर फूड वैन लगाने की योजना कहीं से भी उचित प्रतीत नहीं होती। उन्होंने कहा कि संघर्ष मोर्चा लंबे समय से स्टेशन के बाहर छोटे-छोटे स्टॉल बनाकर वर्षों से रेहड़ी और ठेला लगाकर जीविकोपार्जन करने वाले स्थानीय दुकानदारों को आवंटित करने की मांग करता रहा है। इसके बावजूद उनकी मांगों की अनदेखी कर फूड वैन योजना लाई जा रही है, जिससे स्थानीय दुकानदारों के रोजगार पर संकट उत्पन्न होगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस, आरपीएफ और जीआरपी समय-समय पर अतिक्रमण और जाम के नाम पर रेहड़ी-ठेला लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करती रही है, जबकि अब रेलवे स्वयं मुख्य द्वार पर फूड वैन लगाकर अतिक्रमण और जाम को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठा रही है।
पप्पू यादव ने कहा कि अमृत भारत योजना के तहत स्टेशन परिसर में करोड़ों रुपये की लागत से दो मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग का निर्माण कराया गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब व्यावसायिक भवन तैयार है, तो फिर मुख्य द्वार पर फूड वैन की आवश्यकता क्यों पड़ रही है। उन्होंने मांग की कि रेलवे इस योजना पर पुनर्विचार करे और ऐसी व्यवस्था लागू करे जिससे रेलवे के साथ-साथ स्थानीय दुकानदारों को भी रोजगार का अवसर मिल सके।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि रेलवे प्रशासन इस मामले में उचित निर्णय नहीं लेता है, तो समाजवादी पार्टी और संघर्ष मोर्चा इस योजना के खिलाफ व्यापक आंदोलन चलाने को बाध्य होंगे।
इस अवसर पर समाजवादी लोहिया वाहिनी के प्रदेश महासचिव रविकांत झा, मीडिया प्रभारी मनोज क्रांति, सचिव राज कुमार शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।



