चार माह से मानदेय बकाया, एक माह का हुआ आवंटन, शिक्षा सेवकों के सामने भुखमरी का संकट

मुंगेर। डबल इंजन की सरकार में भी जिले के शिक्षा सेवकों को पिछले चार माह से मानदेय नहीं मिलने के कारण आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि चार माह के बकाया मानदेय के एवज में फिलहाल केवल एक माह की राशि का आवंटन जिले को किया गया है। इससे शिक्षा सेवकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
शिक्षा सेवक संघ से जुड़े राज कुमार मांझी ने बताया कि समय पर मानदेय नहीं मिलने से शिक्षा सेवकों और उनके परिवारों के सामने भुखमरी जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। बच्चों की पढ़ाई भी आर्थिक तंगी के कारण प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा सेवक पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने कार्यों का निर्वहन करते हैं, लेकिन लंबे समय से मानदेय भुगतान में हो रही देरी के कारण उन्हें गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
संघ का कहना है कि राज्य सरकार की ओर से 11 अगस्त को मानदेय भुगतान के संबंध में पत्र जारी किया गया, इसके बावजूद मुंगेर जिले में अब तक शिक्षा सेवकों को भुगतान नहीं किया गया है। वहीं, चार माह का मानदेय बकाया रहने के बावजूद जिले को केवल एक माह की राशि आवंटित किए जाने से भी शिक्षा सेवकों में असंतोष है।

शिक्षा सेवकों ने राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन से मांग की है कि बकाया चार माह के मानदेय का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बकाया मानदेय की पूरी राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो शिक्षा सेवक चरणबद्ध आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
संघ के नेताओं ने कहा कि पूर्व में भी मानदेय भुगतान समय पर नहीं होने की समस्या सामने आती रही है। यदि इस बार भी बकाया राशि का शीघ्र भुगतान नहीं किया गया तो शिक्षा सेवक मजबूरीवश उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। अब देखना होगा कि सरकार और जिला प्रशासन शिक्षा सेवकों की इस गंभीर आर्थिक समस्या का समाधान कब तक करता है।
— डॉ. सुरेश कुमार, पत्रकार
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