समारोह / कार्यक्रम

45 वर्षों की सेवा के बाद हाजी शमीम उल्लाह को दी गई भावभीनी विदाई

मुंगेर।  रहबर उर्दू लाइब्रेरी के सचिव पद से हाजी शमीम उल्लाह के त्यागपत्र देने के बाद राजा कर्ण मीर कासिम की ओर से एक विदाई समारोह का आयोजन समिति के कोषाध्यक्ष डॉ. गजाली अनवर हेलाल के आवास पर किया गया। समारोह की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष जफर अहमद ने की, जबकि संचालन समिति के सचिव एहतेशाम आलम ने किया। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. इरफान अहमद, प्रख्यात कवि अनिरुद्ध सिन्हा एवं राजद के वरिष्ठ नेता शिशिर कुमार लालू उपस्थित रहे।
समारोह की शुरुआत में अध्यक्ष जफर अहमद ने समिति की ओर से हाजी शमीम उल्लाह को अंगवस्त्र एवं बुके देकर सम्मानित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि हाजी शमीम उल्लाह लगातार 45 वर्षों तक रहबर उर्दू लाइब्रेरी के सचिव पद पर रहे। निजी कारणों से उनके द्वारा पद से त्यागपत्र दिया जाना हम सभी सदस्यों के लिए भावुक क्षण है। उन्होंने कहा कि 45 वर्षों के लंबे कार्यकाल में लाइब्रेरी के विकास और संचालन में हाजी शमीम उल्लाह के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया। ऐसे समर्पित व्यक्तित्व बहुत कम देखने को मिलते हैं।
विशिष्ट अतिथि डॉ. इरफान अहमद एवं प्रख्यात कवि अनिरुद्ध सिन्हा ने कहा कि हाजी शमीम उल्लाह उनके बचपन के साथी रहे हैं और वे उन्हें काफी नजदीक से जानते हैं। उनके व्यक्तित्व में ईमानदारी और सेवा भावना कूट-कूटकर भरी है। उन्होंने अपना बहुमूल्य समय लाइब्रेरी को समर्पित किया, जिसके लिए समाज सदैव उनका ऋणी रहेगा।
राजद के वरिष्ठ नेता शिशिर कुमार लालू ने कहा कि हाजी शमीम उल्लाह ने कभी जाति, धर्म और मजहब के आधार पर भेदभाव नहीं किया। उन्होंने समाज को नई दिशा देने के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उन्होंने हाजी शमीम उल्लाह के दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना की।
इस अवसर पर समिति के उपाध्यक्ष खालिद शम्स ने अभिनंदन पत्र पढ़कर सुनाया और उसे हाजी शमीम उल्लाह को सप्रेम भेंट किया। वहीं समिति के कोषाध्यक्ष डॉ. गजाली अनवर हेलाल ने उनके त्यागपत्र और विदाई के अवसर पर एक खूबसूरत गजल प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया।
समारोह में प्रो. जहांगीर आलम, अनिल भूषण, ज्योति कुमार सिन्हा, विकास कुमार, सनोवर शादाब, शाहिद कमाल एडवोकेट एवं प्रो. जैन शम्सी सहित अन्य लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर इम्तियाज आलम, एहतेशाम हैदर, सैयद अब्दुल्लाह, शान आलम, मुंतशिर आलम, अजय कुमार, अंजुम हसन, फैयाज आलम, रईसुर रजा, सिराजुल हक सहित दर्जनों लोग मौजूद थे। समारोह के दौरान उपस्थित लोगों ने हाजी शमीम उल्लाह के 45 वर्षों के सेवाकाल को याद करते हुए उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की।

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