मुंगेर पुलिस के गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और सशक्त अभियोजन से दुष्कर्म मामले में दोषी को 20 वर्ष का सश्रम कारावास

मुंगेर पुलिस के गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और सशक्त अभियोजन से दुष्कर्म मामले में दोषी को 20 वर्ष का सश्रम कारावास
मुंगेर। मुंगेर पुलिस के गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान एवं सशक्त अभियोजन के फलस्वरूप तारापुर थाना कांड संख्या 179/2022 में माननीय न्यायालय ने दुष्कर्म एवं पॉक्सो अधिनियम के मामले में अभियुक्त रंजन यादव को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास तथा जुर्माने की सजा सुनाई है।
पुलिस के अनुसार, दिनांक 24 अक्टूबर 2022 को पीड़िता की मां द्वारा तारापुर थाना में आवेदन देकर आरोप लगाया गया था कि उनकी पुत्री को मुंह में गमछा बांधकर भैरोपुर बगीचे में ले जाया गया और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया गया। आवेदन के आधार पर तारापुर थाना कांड संख्या 179/2022 दर्ज कर धारा 376(AB), 342, 506 भादवि एवं पॉक्सो अधिनियम की धारा 4 के तहत अनुसंधान प्रारंभ किया गया। अनुसंधान के क्रम में अभियुक्त रंजन यादव, पिता श्रीलाल यादव, निवासी धोबई, थाना तारापुर, जिला मुंगेर को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस द्वारा मामले में गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान करते हुए साक्ष्य एवं गवाहों के बयान के आधार पर आरोप-पत्र न्यायालय में समर्पित किया गया। पुलिस अधीक्षक, मुंगेर के निर्देशन में प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों की गवाही के आधार पर मामले की सुनवाई पूरी हुई।
दिनांक 21 अगस्त 2026 को माननीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश षष्ठम-सह-विशेष न्यायाधीश, पॉक्सो अधिनियम, मुंगेर की अदालत ने अभियुक्त रंजन यादव को दोषी करार दिया। न्यायालय ने पॉक्सो अधिनियम की धारा 42 के तहत 20 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 25,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। साथ ही न्यायालय ने पीड़िता को 4 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने का आदेश भी पारित किया है।
इस मामले में विशेष लोक अभियोजक प्रितम कुमार वैश्य तथा कोर्ट नायब सिपाही/694 प्रदीप कुमार माल की भूमिका रही।
मुंगेर पुलिस ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान, साक्ष्यों का प्रभावी संकलन तथा सशक्त अभियोजन के माध्यम से गंभीर अपराधों में दोषियों को न्यायालय से सजा दिलाने की कार्रवाई लगातार जारी है।
रिपोर्ट: डॉ. सुरेश कुमार, पत्रकार
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