मुंगेर में पेयजल व्यवस्था पर डीएम सख्त, खराब चापाकलों की मरम्मती प्राथमिकता के आधार पर करने का निर्देश

मुंगेर, 11 जून 2026। जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आमजन को स्वच्छ एवं सुगम पेयजल उपलब्ध कराने तथा पंचायत स्तर पर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) द्वारा स्थापित चापाकलों की मरम्मती एवं रख-रखाव सुनिश्चित करने को लेकर गुरुवार को जिला पदाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पीएचईडी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न पंचायतों में स्थापित चापाकलों की स्थिति, खराब पड़े चापाकलों की संख्या, उनकी मरम्मती की प्रगति एवं पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि गर्मी के मौसम एवं संभावित जल संकट को देखते हुए सभी खराब चापाकलों की मरम्मती प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट उत्पन्न न हो।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने पंचायतवार सर्वेक्षण कर खराब चापाकलों की सूची तैयार करने तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर उनकी मरम्मती कराने का निर्देश दिया। साथ ही ऐसे क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता देने को कहा, जहां पेयजल की समस्या अधिक है या वैकल्पिक जल स्रोत सीमित हैं।
बैठक में चापाकलों की मरम्मती से संबंधित शिकायतों के त्वरित निष्पादन के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करने तथा प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि आमजन की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए नियमित फील्ड निरीक्षण करें और पेयजल आपूर्ति की स्थिति पर सतत निगरानी बनाए रखें।
उन्होंने पीएचईडी अधिकारियों को पंचायत प्रतिनिधियों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करने का निर्देश दिया, ताकि क्षेत्रीय समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी समय पर प्राप्त हो सके और उनका शीघ्र समाधान किया जा सके। साथ ही सभी प्रखंडों में पेयजल व्यवस्था की नियमित समीक्षा कर कार्य प्रगति रिपोर्ट जिला स्तर पर उपलब्ध कराने को कहा गया।
बैठक के दौरान पेयजल आपूर्ति से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी चर्चा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा से संबंधित कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारियों को पूरी जवाबदेही एवं गंभीरता के साथ कार्य करना होगा।




