मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय ‘सहयोग कार्यक्रम’ का किया शुभारंभ, जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण पर जोर

मुंगेर, 14 जुलाई। ‘विकसित भारत–समृद्ध बिहार’ की परिकल्पना को साकार करने और आम नागरिकों की शिकायतों के प्रभावी एवं समयबद्ध समाधान के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को पटना स्थित संवाद, मुख्यमंत्री सचिवालय से राज्य स्तरीय ‘सहयोग कार्यक्रम’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय कुमार चौधरी एवं श्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव भी उपस्थित रहे।
मुंगेर समाहरणालय से जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने वरीय अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में भाग लिया। जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री के निर्देशों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित करने तथा जनशिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। कार्यक्रम में अपर समाहर्ता मनोज कुमार, उप विकास आयुक्त अजीत कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य स्तरीय ‘सहयोग कार्यक्रम’ प्रत्येक माह के द्वितीय मंगलवार को आयोजित किया जाएगा। इसमें उन शिकायतों की सुनवाई होगी, जिनका समाधान जिला स्तर पर आयोजित सहयोग कार्यक्रम के माध्यम से नहीं हो सका है। ऐसे मामलों का निस्तारण सीधे राज्य स्तर पर किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि आवेदक सहयोग पोर्टल पर जाकर ‘राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम’ का चयन कर अपने पूर्व में दर्ज आवेदन के रेफरेंस नंबर एवं मोबाइल नंबर के माध्यम से ओटीपी सत्यापन कर आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। चयनित आवेदकों को कार्यक्रम की तिथि एवं अन्य आवश्यक जानकारी एसएमएस के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों आवेदकों की शिकायतें सुनीं और कई मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर प्रखंड के उत्तम कुमार भी अपनी समस्या लेकर कार्यक्रम में पहुंचे, जिनकी शिकायत पर मुख्यमंत्री ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
कार्यक्रम के बाद जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनशिकायतों के निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता दें तथा लंबित मामलों का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अधिकतम शिकायतों का समाधान जिला स्तर पर ही किया जाए, ताकि आम नागरिकों को उच्च स्तर तक जाने की आवश्यकता न पड़े।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी शिकायतों के समाधान के लिए सहयोग पोर्टल का अधिकाधिक उपयोग करें। प्रशासन के अनुसार, राज्य सरकार की यह पहल जनशिकायत निवारण प्रणाली को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।




