हवेली खड़गपुर के निजी स्कूलों के वाहनों की जांच हो, बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं : मनोज यादव

जिला पदाधिकारी एवं अनुमंडल पदाधिकारी सेअपील की मांग, बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विशेष अभियान चलाकर सभी स्कूल वाहनों की जांच हो जांच
हवेली खड़गपुर (मुंगेर)। सामाजिक कार्यकर्ता मनोज यादव ने हवेली खड़गपुर क्षेत्र के अधिकांश निजी विद्यालयों में स्कूली बच्चों के परिवहन को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के कई निजी स्कूलों में बिना समुचित पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) वाले वाहनों से बच्चों को लाया-ले जाया जा रहा है, जो बच्चों की सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ है।
मनोज यादव ने आरोप लगाया कि कई स्कूलों में ऐसे वाहन संचालित हो रहे हैं, जिनकी तकनीकी स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। इन वाहनों से अत्यधिक धुआं निकलता है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी रहती है। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे बच्चों को प्रतिदिन प्रदूषणयुक्त वातावरण में यात्रा करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जो अत्यंत चिंताजनक है।
उन्होंने विशेष रूप से कहा कि कई स्थानों पर चार्जर वाहनों से भी स्कूली बच्चों का परिवहन कराया जा रहा है। ऐसे वाहन स्कूली परिवहन के लिए सुरक्षित नहीं माने जाते और इनसे बच्चों को ढोना किसी बड़ी दुर्घटना को आमंत्रित करने जैसा है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी क्षेत्र में स्कूली वाहनों से जुड़े हादसों में बच्चे दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद पर्याप्त सतर्कता नहीं बरती जा रही है।
मनोज यादव ने जिला प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि सभी निजी विद्यालयों के स्कूली वाहनों की व्यापक जांच कराई जाए। जिन वाहनों के पास आवश्यक दस्तावेज, फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र अथवा अन्य अनिवार्य कागजात नहीं हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि केवल निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरा करने वाले वाहन ही बच्चों के परिवहन में लगाए जाएं।
उन्होंने जिला पदाधिकारी एवं अनुमंडल पदाधिकारी से अपील की कि बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विशेष अभियान चलाकर सभी स्कूल वाहनों की जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि बच्चों का सुरक्षित आवागमन प्रशासन, विद्यालय प्रबंधन और अभिभावकों सभी की साझा जिम्मेदारी है, इसलिए इस विषय पर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जानी चाहिए।




