
बीबीसी हिंदी की रिपोर्ट के हवाले से –
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और आपात स्थिति राहत कोष (PM CARES FUND) की साल 2024-25 की ऑडिट की गई नई रिपोर्ट सामने आई है। 07 अगस्त 2026 को जारी इस रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं।

बीबीसी न्यूज हिंदी द्वारा PM CARES की आधिकारिक ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर प्रकाशित ग्राफिक्स के अनुसार फंड में पैसा तो रिकॉर्ड स्तर पर जमा है, लेकिन खर्च लगातार घटता जा रहा है।

रिपोर्ट के 5 बड़े बिंदु
1. क्लोजिंग बैलेंस रिकॉर्ड स्तर पर:
साल 2024-25 में PM CARES फंड का क्लोजिंग बैलेंस रिकॉर्ड ₹8,452 करोड़ तक पहुंच गया है।
• 2019-20 में यह करीब 3,000 करोड़ था • 2020-21 में बढ़कर करीब 7,000 करोड़ से ज्यादा हुआ • 2021-22 में 5,400 करोड़, 2022-23 में 6,200 करोड़ और 2023-24 में 7,100 करोड़ से ज्यादा था। अब 2024-25 में यह सबसे ऊंचे स्तर पर है।

2. चंदे में भारी गिरावट:
साल 2024-25 में फंड को करीब 480 करोड़ रुपये का चंदा मिला, जो साल 2023-24 के मुकाबले 30% कम है।
साल 2020-21 में चंदे से मिलने वाली रकम सबसे ज्यादा रही थी, जो 7,600 करोड़ रुपये से भी अधिक थी। उसके बाद से हर साल चंदे में लगातार कमी आ रही है।

3. खर्च घटकर न के बराबर:
रिपोर्ट का सबसे अहम पहलू फंड के खर्च से जुड़ा है। साल 2024-25 में कुल खर्च घटकर सिर्फ 87.85 लाख रुपये रह गया, जो उस समय बची कुल रकम का महज 0.01% था।
• 2020-21 में कुल खर्च 3,976 करोड़ था • 2021-22 में 3,716 करोड़ था • 2022-23 में घटकर 438 करोड़ रह गया • 2023-24 में 15.6 करोड़ और अब 2024-25 में महज 0.88 करोड़ (87.85 लाख) रह गया है।
4. 93% पैसा फिक्स्ड डिपॉजिट में:
ऑडिट रिपोर्ट 2024-25 के मुताबिक फंड में जमा कुल रकम में से 7 हजार 846 करोड़ रुपये यानी करीब 93% पैसा फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में रखा गया है।

5. PM CARES फॉर चिल्ड्रेन योजना पर खर्च घटा:
जिन एजेंसियों को पहले पैसा दिया गया था, उन्होंने करीब 324 करोड़ रुपये वापस कर दिए हैं।
इस फंड का इस्तेमाल PM CARES फॉर चिल्ड्रेन योजना के लिए भी किया गया, जिसे कोरोना महामारी में अपने माता-पिता या कानूनी अभिभावक दोनों को खो चुके बच्चों की मदद के लिए शुरू किया गया था। लेकिन इस योजना के लिए दी जाने वाली रकम साल 2023-24 में 15.37 करोड़ रुपये से घटकर साल 2024-25 में सिर्फ 87.84 लाख रुपये रह गई।
स्रोत: BBC NEWS हिन्दी / PM CARES ऑडिट रिपोर्ट 2024-25




