आन्दोलनराजनीति

अति पिछड़ा समाज की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने और संगठन मजबूत करने का आह्वान

लक्खीसराय में अति पिछड़ा कांग्रेस की बैठक, पुतला दहन कर जताया विरोध

लक्खीसराय, संवाददाता।
जिला कांग्रेस कमेटी, लक्खीसराय के तत्वावधान में रविवार को चितरंजन आश्रम स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय सभागार में अति पिछड़ा कांग्रेस की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक के उपरांत विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध स्वरूप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
बैठक की अध्यक्षता अति पिछड़ा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष देवेंद्र राम चंद्रवंशी तथा पुतला दहन कार्यक्रम का नेतृत्व जिला अध्यक्ष अमरेश कुमार उर्फ अनीश ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में  नीतू  सिंह निषाद उपस्थित रहे, जबकि संचालन श्रीकांत ठाकुर ने किया।
बैठक को संबोधित करते हुए   मुख्य अतिथि नीतू सिंह निषाद ने अति पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।   उन्होंने कहा कि बिहार में ईबीसी आबादी लगभग 40 प्रतिशत है, लेकिन निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनकी भागीदारी अपेक्षाकृत कम है। उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक उन्नति के लिए शिक्षा, रोजगार, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक सम्मान सुनिश्चित करना आवश्यक है।
जिला अध्यक्ष अमरेश कुमार अनीश ने कहा कि अधिकार कोई देता नहीं है, बल्कि संघर्ष के माध्यम से हासिल करना पड़ता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का आह्वान करते हुए  उन्होंने कहा कि अति पिछड़ा समाज की राजनीतिक ताकत को एकजुट कर आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार सामाजिक न्याय, जातीय जनगणना और आबादी के अनुपात में भागीदारी की मांग उठा रहे हैं। उन्होंने रोहिणी आयोग की अनुशंसाओं को लागू करने, अति पिछड़ा वर्ग को न्यायसंगत प्रतिनिधित्व देने तथा सामाजिक न्याय की नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की।
प्रदेश उपाध्यक्ष विनय कुमार गुड्डू ने कहा कि राजनीति में आगे बढ़ने के लिए समाज को जागरूक और संगठित होना होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से पिछड़े, अति पिछड़े, दलित और वंचित वर्गों के अधिकारों की आवाज उठाती रही है।
प्रदेश प्रवक्ता विशाल कुमार ने कहा कि अति पिछड़ा समाज मजदूर, किसान, छोटे व्यापारी और नौजवानों का समाज है, जो बिहार और देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इसके बावजूद समाज को उसके योगदान के अनुरूप सम्मान और प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया है। उन्होंने शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक अवसरों में समान भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेन्द्र भगत ने कहा कि समाज की सबसे बड़ी कमजोरी आपसी बिखराव है। यदि अति पिछड़ा समाज संगठित होकर कार्य करेगा तो उसकी राजनीतिक ताकत और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे।
प्रदेश सचिव ब्रह्मदेव चौरसिया तथा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार ने कहा कि सामाजिक न्याय की लड़ाई केवल चुनावी मुद्दा नहीं बल्कि समाज के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर कांग्रेस की नीतियों और सामाजिक न्याय के संदेश को पहुंचाने का आह्वान किया।
ललित नारायण ने कहा कि समाज को विकास और सामाजिक न्याय की विचारधारा के साथ आगे बढ़ना होगा तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभानी होगी।
खगड़िया से आए संतोष कुमार चंद्रवंशी ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम बताते हुए कहा कि जब तक अति पिछड़ा समाज अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं देगा और राजनीतिक रूप से सक्रिय नहीं होगा, तब तक अपेक्षित परिवर्तन संभव नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और समाज को जागरूक करने का आह्वान किया।
बैठक के अंत में सामाजिक न्याय, संविधान की रक्षा, जातीय जनगणना, अति पिछड़ा वर्ग की भागीदारी बढ़ाने तथा संगठन को मजबूत करने का संकल्प लिया गया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन कर अपनी मांगों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, अति पिछड़ा समाज के प्रतिनिधि एवं विभिन्न प्रखंडों से आए पदाधिकारी उपस्थित थे।

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