
पटना, बिहार।
बिहार की राजनीति में प्रजापति (कुम्हार) समाज के लिए एक ऐतिहासिक अवसर सामने आया है। पहली बार राज्य में प्रजापति समाज की दो महिला नेत्रियों को प्रमुख राजनीतिक दलों द्वारा विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया गया है।
जनता दल (यूनाइटेड) ने श्रीमती शिवरानी देवी प्रजापति को अपना उम्मीदवार घोषित किया है, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने श्रीमती शीला पंडित को विधान परिषद चुनाव के लिए प्रत्याशी बनाया है। दोनों दलों के इस निर्णय को प्रजापति समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
समाज के बुद्धिजीवियों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा है कि लंबे समय से राजनीतिक भागीदारी में अपनी हिस्सेदारी की मांग कर रहे प्रजापति समाज को अब मुख्यधारा की राजनीति में उचित सम्मान और अवसर मिलने लगा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दोनों प्रमुख दलों द्वारा प्रजापति समाज की महिलाओं को उम्मीदवार बनाए जाने से न केवल समाज का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि राज्य की राजनीति में पिछड़े एवं अति पिछड़े वर्गों की महिलाओं की भागीदारी भी मजबूत होगी।
समाज के लोगों ने जनता दल (यू) एवं भाजपा नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए दोनों उम्मीदवारों को शुभकामनाएं दी हैं। उनका कहना है कि यह निर्णय आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा और महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को नई दिशा देगा।
प्रजापति समाज के लिए यह क्षण गौरव, सम्मान और राजनीतिक सशक्तिकरण के नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है।




