स्वरोजगार प्रशिक्षण का दायरा बढ़ाने के निर्देश, पंचायत स्तर तक पहुंचे आरसेटी की योजनाएं : डीएम

मुंगेर।
ग्रामीण युवाओं, महिलाओं एवं बेरोजगारों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) की वार्षिक कार्य योजना की समीक्षा बैठक गुरुवार को समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में संस्थान द्वारा संचालित विभिन्न रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में यूको आरसेटी के निदेशक ने संस्थान की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि युवाओं एवं महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए ब्यूटी पार्लर, गाय पालन, डेयरी प्रबंधन सहित विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को स्वरोजगार स्थापित करने हेतु आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग भी उपलब्ध कराया जाता है।
जिलाधिकारी ने समीक्षा के दौरान निर्देश दिया कि स्वरोजगार आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लाभ अधिक से अधिक ग्रामीण युवाओं, महिलाओं एवं बेरोजगार व्यक्तियों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार प्रखंड एवं पंचायत स्तर तक किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के इच्छुक लाभार्थियों को अपने निकट ही प्रशिक्षण की सुविधा मिल सके।
डीएम ने यह भी निर्देश दिया कि प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को उद्योग विभाग से समन्वय स्थापित कर विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के तहत ऋण उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी पहल की जाए। उन्होंने अधिकारियों को प्रशिक्षण कार्यक्रमों के व्यापक प्रचार-प्रसार, पात्र लाभार्थियों की पहचान तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के साथ समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि कौशल विकास एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सकता है तथा युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं।
बैठक में संस्थान की उपलब्धियों, प्रशिक्षणार्थियों की संख्या, आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा रोजगार सृजन की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। साथ ही प्रशिक्षण की गुणवत्ता एवं प्रभावशीलता को और बेहतर बनाने के लिए विभिन्न सुझावों पर चर्चा की गई।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त अजीत कुमार सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
