मुंगेर: जनता दरबार में डीएम ने सुनीं 26 फरियादियों की शिकायतें, अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

मुंगेर में आयोजित “जनता के दरबार में जिलाधिकारी” कार्यक्रम में डीएम निखिल धनराज निप्पाणीकर ने 26 फरियादियों की शिकायतें सुनकर संबंधित अधिकारियों को त्वरित जांच एवं कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनता दरबार में जमीन विवाद, अतिक्रमण, वासगीत पर्चा, राशन कार्ड, सामाजिक सुरक्षा एवं स्वच्छता कर्मी के लंबित मानदेय समेत विभिन्न मामलों पर जिला प्रशासन ने समयबद्ध समाधान का भरोसा दिलाया।
मुंगेर, 07 अगस्त। समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में शुक्रवार को आयोजित “जनता के दरबार में जिलाधिकारी” कार्यक्रम में जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने आमजन की समस्याओं की सुनवाई की। इस दौरान कुल 26 आवेदकों ने विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें एवं आवेदन प्रस्तुत किए। जिलाधिकारी ने सभी मामलों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को नियमानुसार जांच कर शीघ्र एवं उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जनता दरबार में हवेली खड़गपुर के तेलियाडीह निवासी स्वच्छता कर्मी अरविंद मंडल ने शिकायत की कि नगर परिषद द्वारा उपलब्ध कराए गए कचड़ा उठाव वाहन को मरम्मत के लिए मां चंडिका ट्रेडर्स के पास दिया गया था, लेकिन कई माह बीत जाने के बावजूद वाहन वापस नहीं मिला है। वाहन उपलब्ध नहीं होने के कारण उनका मानदेय भी लंबित है। उन्होंने वाहन वापस दिलाने तथा बकाया मानदेय का भुगतान कराने की मांग की।
वहीं बरियारपुर प्रखंड के गणेशपुर मुसहरी निवासी सुरेंद्र मांझी सहित अन्य ग्रामीणों ने रहने के लिए वासगीत पर्चा उपलब्ध कराने की मांग रखी।
जमालपुर के सिंघिया निवासी कन्हैया कुमार, हरेराम, सौरभ समेत अन्य लोगों ने स्थानीय गैरमजरूआ भूमि पर हो रहे कथित अतिक्रमण को हटाने की मांग की। वहीं जमालपुर वार्ड संख्या-20 निवासी प्रमोद कुमार ने पड़ोसी द्वारा उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने की शिकायत जिलाधिकारी के समक्ष दर्ज कराई।
इसके अतिरिक्त जनता दरबार में जमीन विवाद, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, राशन कार्ड तथा अतिक्रमण से संबंधित कई अन्य आवेदन भी प्राप्त हुए। जिलाधिकारी ने सभी मामलों की समयबद्ध जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए कहा कि आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को सभी आवेदनों पर संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।




