टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शैक्षिक महासंघ ने सौंपा ज्ञापन, 2010 पूर्व नियुक्त शिक्षकों को राहत देने की मांग

मुंगेर, 18 जून। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, बिहार की मुंगेर जिला इकाई ने वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता को पूर्व प्रभाव से लागू किए जाने के आदेश को रद्द करने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
जिला अध्यक्ष कृष्णकांत सिंह के नेतृत्व में महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को विधायी एवं नीतिगत संरक्षण प्रदान किया जाना चाहिए। ज्ञापन में कहा गया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के 29 मई 2026 के निर्णय तथा 23 अगस्त 2010 को एनसीटीई द्वारा जारी अधिसूचना से प्रभावित शिक्षकों के हितों की रक्षा आवश्यक है।
महासंघ ने अपने ज्ञापन में उल्लेख किया कि वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की नियुक्तियां उस समय लागू नियमों एवं निर्धारित पात्रताओं के अनुरूप पूरी तरह वैध थीं। सेवा के अधिकांश वर्ष पूरे हो जाने के बाद नए पात्रता मानदंडों को पूर्व प्रभाव से लागू करना न्याय, समानता तथा विधिक निश्चितता के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है। संगठन ने कहा कि दशकों से सेवा दे रहे शिक्षकों के अनुभव, कार्यकुशलता और योगदान को उचित महत्व मिलना चाहिए।
महासंघ ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लाखों शिक्षकों एवं उनके परिवारों के भविष्य को अनिश्चितता में डालना शिक्षा व्यवस्था की स्थिरता और शिक्षकों के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा। संगठन ने केंद्र सरकार एवं संसद से आवश्यक विधायी अथवा नीतिगत हस्तक्षेप कर प्रभावित शिक्षकों को संरक्षण प्रदान करने की मांग की।
ज्ञापन में प्रमुख मांगों के रूप में 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से स्थायी रूप से मुक्त करने, उनकी सेवा, वरिष्ठता, पदोन्नति एवं अन्य सेवा लाभों को पूर्ण संरक्षण देने, आवश्यकता पड़ने पर संसद में विशेष विधायी प्रावधान लाकर स्थायी राहत प्रदान करने तथा सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर शिक्षकों में व्याप्त असमंजस एवं असुरक्षा की स्थिति समाप्त करने की मांग शामिल है।
महासंघ ने विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शिक्षक समुदाय के साथ न्याय सुनिश्चित करने हेतु भारत सरकार संवेदनशील एवं न्यायपूर्ण निर्णय लेगी।
ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में जिला उपाध्यक्ष अजय कुमार पांडे, उपाध्यक्ष प्रशांत कुमार यादव, मीडिया प्रभारी ऋषभ रमन, कोषाध्यक्ष वेद प्रकाश पाठक तथा प्रदेश सचिव अभय कुमार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।




