जी-राम-जी अधिनियम, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु मुंगेर में दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

मुंगेर, 24 जून 2026।
ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार के निर्देशानुसार 1 जुलाई 2026 से राज्यभर में लागू होने जा रहे जी-राम-जी (G-RAM-G) अधिनियम, 2025 के प्रभावी एवं सुचारू क्रियान्वयन को लेकर बुधवार को जिला परिषद सभागार, मुंगेर में दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त अजीत कुमार सिंह, निदेशक एनईपी, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के पदाधिकारी, मनरेगा से जुड़े विभिन्न अधिकारी-कर्मी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी नई व्यवस्था अथवा अधिनियम के सफल क्रियान्वयन में प्रशिक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि जी-राम-जी अधिनियम, 2025 ग्रामीण विकास एवं मनरेगा योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा दक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अधिकारियों एवं कर्मियों से अपील की कि वे प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त जानकारी को गंभीरता से आत्मसात करें तथा अपने-अपने कार्यक्षेत्र में उसका प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण के बाद भी यदि किसी स्तर पर लापरवाही अथवा त्रुटि पाई जाती है तो संबंधित कर्मियों एवं अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के लिए आवश्यक है कि सभी संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों, प्रक्रियाओं तथा तकनीकी पहलुओं की समुचित जानकारी प्राप्त करें।
प्रशिक्षण के दौरान बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बिपार्ड), पटना में प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनरों द्वारा अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों, कार्यान्वयन प्रक्रिया, प्रशासनिक एवं तकनीकी पहलुओं, ऑनलाइन मॉड्यूल तथा फील्ड स्तर पर अनुपालन से संबंधित विषयों पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
दो दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुंगेर के अलावा बांका, जमुई, लखीसराय एवं भागलपुर जिलों के कुल 41 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें जी-राम-जी अधिनियम, 2025 के सफल क्रियान्वयन हेतु आवश्यक ज्ञान एवं कौशल प्रदान किया जाएगा।




