कन्या जन्मोत्सव सह सम्मान समारोह आयोजित, बेटियों के सम्मान और सशक्तीकरण का लिया गया संकल्प

मुंगेर, 30 जून। महिला एवं बाल विकास निगम, मुंगेर द्वारा बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ योजना के तहत मंगलवार को स्थानीय प्रेक्षा गृह में कन्या जन्मोत्सव सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त अजीत कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (आईसीडीएस) गुंजन मौली सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, कर्मी, आंगनबाड़ी सेविकाएं एवं सहायिकाएं उपस्थित थीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि बेटियां समाज की अमूल्य धरोहर हैं तथा उनके जन्म, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान को सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने का जनआंदोलन है। उन्होंने लोगों से बेटियों को समान अवसर उपलब्ध कराने और उनके सर्वांगीण विकास में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तीकरण के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य बालिकाओं के जन्म से लेकर शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता तक उनका समग्र विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि सभी पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ पहुंचाया जाए।

समारोह के दौरान जिले एवं प्रखंड स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला पदाधिकारियों को अंगवस्त्र, मोमेंटो एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी ने उनके समर्पण और सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि उनके कार्य समाज में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं और अन्य लोगों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

कार्यक्रम में धात्री महिलाओं को भी सम्मानित किया गया। नवजात कन्याओं के जन्म पर उन्हें शुभकामनाएं देते हुए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, स्तनपान, संतुलित पोषण तथा नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया। साथ ही कन्या जन्म को उत्सव के रूप में मनाने तथा समाज में बालिकाओं के प्रति सम्मान और समानता की भावना को और मजबूत करने का संकल्प दोहराया गया।
इस अवसर पर बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ योजना के उद्देश्यों, बालिका शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, लैंगिक समानता, कुपोषण उन्मूलन तथा बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों की रोकथाम पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (आईसीडीएस) द्वारा किया गया। समारोह का समापन बेटियों के सम्मान, सुरक्षा एवं सशक्तीकरण के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।




