सुशासन की सरकार हिटलरशाही में हो गई है तब्दील : विनय कुमार गुड्डू

बरियारपुर/मुंगेर। असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस के प्रदेश महासचिव विनय कुमार गुड्डू ने बिहार सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सुशासन के नाम पर राज्य में लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि आजादी से पहले ब्रिटिश शासन के दौरान छोटे-छोटे अपराधों को भी गैरकानूनी घोषित कर आम जनता को दंडित करने की प्रवृत्ति थी और दुर्भाग्यवश आज भी शासन-प्रशासन की कार्यशैली में उसी मानसिकता की झलक दिखाई दे रही है।
उन्होंने कहा कि अपराध की प्रकृति और परिस्थितियों का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए, लेकिन हाल के दिनों में एनकाउंटर की घटनाओं ने कई सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि निर्दोष लोगों के भी शिकार होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने बिहार सरकार, मुख्यमंत्री और पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है तथा पीड़ित परिवार निष्पक्ष जांच को लेकर असमंजस की स्थिति में है।
विनय कुमार गुड्डू ने कहा कि सरकार बढ़ती महंगाई, अफसरशाही और जनसमस्याओं पर जवाब देने से बच रही है। ज्ञान और लोकतंत्र की धरती बिहार में लोकतांत्रिक मूल्यों का क्षरण चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्रवाद, परिवारवाद और जातिवाद की प्रवृत्तियां लगातार बढ़ रही हैं, जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो रहा है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि वर्तमान सरकार कानून अपना काम करेगा कहकर अपनी जिम्मेदारियों से बच नहीं सकती। उन्होंने कहा कि सुशासन का अर्थ भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शी, जवाबदेह और समावेशी शासन व्यवस्था से है, जो नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करे और उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करे।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में गठबंधन और सौदेबाजी की राजनीति के कारण गरीबों और वंचितों के हित प्रभावित हो रहे हैं। अंत में उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार सुशासन के नाम पर कार्य करने का दावा करती है, लेकिन उसकी कार्यशैली लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत दिखाई दे रही है।




